लाचारी



लाचारी तन से हो या मन से
अंदर तक तोड़ देती है .

दौड़ती हुई ज़िन्दगी को भी यह
नयी दिशा में मोड़ देती है .

बीमारी जब कोई आ जाती है
जीने का नया तरीका सिखा जाती है .

क्षण भर के लिए चूर कर देती है हर सपना
साथ ही बता भी देती है, की कौन है तेरा यहाँ अपना .

इसमें भी है ऊपर वाले की रज़ा
जो ऐसे में भी देती है जीवन जीने का मज़ा .

डर कर इससे नहीं रुक जाना है
मंज़िल तक पहुंचने का, एक नया रास्ता अपनाना है .

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