Posts

Showing posts from October, 2019

गुस्सा

Image
गुस्सा भी अजीब चीज़ है , बहुत सी नकारात्मकताओं का बीज है।   बैठ जाता है ऐसे नाक पर  , जैसे पक्षी कोई बैठा हो शाख पर ।  बार-बार दिमाग पर  ज़ोर देता है , मन की शांति को निचोड़ लेता है।  कठोर बनाता है यह हमारी वाणी , और कभी-कभी ले आता है आँखों में पानी। ज़रूरी हो जाता है कभी-कभी इसको जताना , और मन की अवस्था को सामने दिखाना।  पर जब इससे इंसान होश खो देता है , तब अपने रिश्तों को दुःख में भिगो देता है।  चलाने लगता है फिर इंसान शब्दों के बाण , और बिखर कर रह जाता है, सारा मान सम्मान।  बिना सोचे समझे इंसान जो बोल देता है , सामने वाला उसे वैसे ही तोल लेता है।  यूँ तो समय भर देता है शरीर के घाव , पर शब्दों से रह जाता है सदा के लिए अलगाव।  पल भर का सुख यह  ज़रूर देता है , लेकिन हम को हम ही से दूर कर देता है।  बना देता है इंसान को यह  असहाय , करना ज़रूरी हो जाता है फिर इसका उपाय।  वो भाग्यशाली है, जो यह  जान पाए , की गुस्सा हमें है कमज़ो...

दशा मन की

Image
मन के ये इतने उतार चढ़ाव , ज़िंदगी का है ये कैसा पड़ाव।  रास्ता यह है रोमांच से भरा , कभी सूखा, तो है कभी हरा।  पनप रहे हैं कुछ अलग ही विचार , जैसे खड़ा हो कोई बीच बाज़ार।  हर विचार ने बनायी है अपनी दुकान , अब कैसे करूं मैं, इन  सबका बखान।  पल-पल बदलते मेरे मन के ये भाव , डालते मुझ पर, बार-बार प्रभाव।  ऊर्जाओं ने मुझे ऐसे है घेरा, मानो, अँधेरे से निकलने को छटपटा रहा हो सवेरा।  क्यों विचलित हो जाता है मन मेरा, जब ज़िन्दगी है केवल इक रैन बसेरा।  फिर भी है मन में छुपी आशा , जो बदल देती है यूँ मेरी भाषा।  कराती है मुझे बार-बार यह एहसास , कि, करते रहना है मुझे बस निरंतर प्रयास।  यह तो हो रही है सुबह के लिए तैयारी , ज़िंदगी खिलाएगी जल्द ही, एक नयी पारी।  हार जीत तो है मात्र एक भ्रम , इनसे तो बहुत कुछ सीखते हैं हम।  मन की स्थिति बदलने में समय नहीं लगेगा, वो नया सूरज फिर कुछ कहेगा।  बदलेंगे फिर मेरे मन के भाव, और ले आएँगे जीवन में थोड़ा ठहराव।...